Harikamaldarpan

लोड हो रहा है... लोड हो रहा है...

करुणा का रस…

पीकर करुणा का रस
जीवन करो धन्य
जन्म-जन्म सुखदाई
जो करी भलाई
लोकमंगल हो सदा
सत्य राह चुनो भाई।
हिमालय पुकारता
वीर बनो-धीर बनो
ज्ञान करो अर्जित
विश्व-वसुधा बने सुंदर
मनुजतन महान
चूको न सुअवसर।
हृदय निर्मल-मन निर्मल
घोर-पशुता मिटाओ
जिओ न निष्प्राण हो
रवि सम बनकर
तम जग से मिटाओ
हो पुलकित रोम-रोम शरीर।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
मो. 9627912535

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