सामाजिक बुराई
दहेज की परछाई
कोई नहीं करता परहेज
सबको चाहिए दहेज
इसके बिना शादियां सूनी
दहेज बेटियों का है खूनी
बेटियों की सुनो व्यथा-कथा
बंद करो दहेज प्रथा
रे मानव! कर न काला व्यापार
होता बेटियों पर अत्याचार
दौलत के तराजू पर न तौल
रिश्ते होते हैं बड़े अनमोल
बेटे-बेटियों का व्यापार
करो ऐसी प्रथा का बहिष्कार
छीनो न किसी का अधिकार
बेटे-बेटियों को बसाने दो मन का संसार
नई सोच का करो संचार
रे साथी! थोड़ा करो विचार।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
मो. 9627912535
दहेज प्रथा…
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