अवधपुरी में दशरथ राजा, इनके बेटे चार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
तीन रानियाँ कैकेई, सुमित्रा, कौशल्या आधार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन में सबसे बड़े थे राम
धैर्य, सत्य आदर्श थे उनके, और भी कई आयाम
बचपन राजमहल में बीता, संग थे सभी कुमार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
वेद, युद्ध, शासन की नीति, वशिष्ठ ने सिखलाई
विश्वामित्र ने समझाया, दैहिक, दैविक गहराई
धर्म शक्ति से फलता-फूलता, शिक्षा से संस्कार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
माँ का मान बढ़ाया राम ने, वन स्वीकार किया
मर्यादा है मन की शुद्धता, अंगीकार किया
त्यागपूर्ण श्रीराम का जीवन, न्यायपूर्ण व्यवहार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
सुख-सुविधा की सोच, राजसुख परिधानों को छोड़ा
भूमि, भवन, वैभव की चाह में, अपनापन न तोड़ा
जात-पात अरु ऊँच-नीच की, तोड़ी ऊँची दीवार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
ज्ञान, वीरता, धैर्य, दिव्यता, निष्ठावान, उदार
शालीन, सुशील, कुलीन, दयालु, समतापूर्ण विचार
त्रेतायुग के महानायक की, करूँ मैं जय-जयकार!
सनातन धर्म की जय-जयकार!
-जोहन पाल, सेंदरी, बिलासपुर
मो. 7974025985
सनातन धर्म की जय-जयकार!
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