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जनगणना में अपनी जाति के सही आंकड़े प्रस्तुत करें!

हमारे देश भारत में जनगणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। यह जनगणना हमारे देश की 16वीं जनगणना है और स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है। लेकिन इस बार की जनगणना इसलिए बहुत विशेष है क्योंकि स्वतंत्र भारत में पहली बार सभी लोगों की जातियों की गणना की जाएगी तथा इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। मतलब कि प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी आनलाइन ही सरकारी पोर्टल व एप के माध्यम से दर्ज होगी। यह जनगणना दो फेस में होने वाली है, पहले फेज में मकानों की गिनती होगी जिसमे प्रत्येक घर की स्थिति गूगल मैप के माध्यम से दर्ज होगी। पहला फेज एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा तथा दूसरा फेज फरवरी 2027 से प्रारंभ होगा। जनगणना के पहले फेज में 33 प्रश्न पूछे जाएंगे जिसमें परिवार के मुखिया की जाति का कॉलम भी है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य का आप्शन दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आनलाइन टिक करता है तो आनलाइन ही जातियों की सूची आ जाएगी जिसे सलेक्ट कर वो लोग अपनी जाति भर सकते हैं। इस प्रकार पहले फेज में केवल एस सी, एस टी वर्ग की ही जातियों की जनणना की जाएगी, अन्य वर्ग और अन्य धर्म के लोगों की जाति या धर्म की गणना दूसरे फेज में की जाएगी। वैसे एससी, एसटी वर्ग के लोगों की जाति की जनगणना प्रत्येक जनगणना में की जाती रही है। उत्तर प्रदेश में हमारे समाज के कुछ लोग अन्य लोगों को जनगणना में अपनी जाति को अनुसूचित जाति के रूप में दर्ज करवाने के लिए कह रहे हैं, जो कि बहुत गलत होगा क्योंकि एससी, एसटी वर्ग के पूर्व जनगणना के आंकड़े सरकार के पास उपलब्ध हैं, जहां पर हमारी गणना ओबीसी या अन्य के रूप में की गई है। इसी प्रकार के कुछ समाचार महाराष्ट्र से भी मिल रहे हैं कि कुछ लोग अनुसूचित जनजाति में अपनी जनगणना करवाना चाहते हैं। इस प्रकार यदि किसी व्यक्ति के पास यदि एससी, एसटी का जाति प्रमाणपत्र नहीं है, वह भी अपनी जाति अनुसूचित जाति वर्ग का बताते हैं तो वह फ्राड की गिनती में आ जाएंगे। कुछ लोग हमारे समाज के लोगों को यह कहकर दिग्भ्रमित कर रहे हैं कि यदि उन्होने जनगणना में अपनी गिनती अनुसूचित जाति के रूप में करवा दी तो उन्हें अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है, यह जनगणना के आंकड़े हैं, इस आधार पर किसी का जाति प्रमाणपत्र नहीं बनेगा। इस बार जनगणना में एक कठोर नियम भी लाया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने सरकार को गलत आंकड़े दिये तो इसके लिए तीन वर्षों की जेल और आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसलिए सभी से निवेदन है कि वर्तमान में आपके पास जिस जाति का जाति प्रमाणपत्र है, वही जाति जनगणना में दर्ज करवाएं। इस बार जनगणना डिजिटल रूप में की जाएगी इसलिए इस बार नागरिकों को स्वगणना करने का मौका भी दिया गया है, आप स्वयं का या सामूहिक रूप से अपनी स्वगणना कर सकते हैं। पूरा फार्म आनलाइन भरने के बाद आपको 11 अंको का एसई आईडी मिलेगा जो आपके मोबाइल नंबर पर आएगा, उसे संभाल कर रखें तथा सरकारी प्रगणक के आने पर उन्हें वह आईडी दिखा दें। प्रगणकों के द्वारा आनलाइन जांच करने के पश्चात आपके फार्म को वेरिफाई कर दिया जाएगा। इस प्रकार आप अपनी सही जानकारी देकर अपने समाज के सही आंकड़े सरकार के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि हम सभी समाज बंधुओ ने अपनी जाति के सही आंकड़े सरकार के सामने रख दिये तो निश्चित रूप से हमारे समाज का प्रतिशत अन्य जातियों से अच्छा आएगा, जिससे भविष्य में हमको राजनैतिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से बहुत लाभ प्राप्त होगा और हमारा समाज भारत के विकास में अग्रणी समाज बनकर उभरेगा।
-इंजी. महेंद्र सिंह पाल, अजमेर
संस्थापक-पाल बघेल गड़रिया महासभा
मो. 8114426335

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