सबाब ना हो सके
तो कोई बात नहीं
गुनाह भी मत कराना
आघात लगे,
किसी के दिल में
वह काम न करना
बस इतनी रहमत
कर देना मुझ पर।
स्वयं खुश रहूं
और दूसरों को
खुशियां बांट सकूं
ऐसी रहमत बरसाना।
सबाब न हो सके
तो कोई बात नहीं
गुनाह मत कराना।
-नारायण प्रसाद पाली
वरिष्ठ नागरिक साहित्यकार गडरिया समाज छत्तीसगढ़
मो. 9575761235
प्रार्थना…!
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