लोकमाता पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार से पूरे देश का गडरिया समाज मांग करता है कि 31 मई को राष्ट्रीय नारी शक्ति दिवस या राष्ट्रीय नारी प्रेरणा दिवस घोषित करे। सुशासन, सेवा और संस्कार की अद्वितीय प्रतिमूर्ति लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और जनकल्याणकारी कार्यों से भारत की संस्कृति, धर्म और समाज को नई दिशा दी। हर समाज के महापुरुषों की जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित है तो गडरिया समाज के महापुरुषों की जयंती पर कोई सरकारी छुट्टी क्यों नहीं है? माता अहिल्याबाई होलकर ने धर्मरक्षक बनकर करीब 12 हजार से ज्यादा तोड़े गये मंदिरों का पुन: निर्माण कराया। देशभर में धर्मशालाएं, कुएं, बावड़ियों का निर्माण कराया और जनसेवा के अनेक कार्य करवाए। वे नारी सशक्तिकरण, गरीबों की सहायता और प्रजा के कल्याण के लिए समर्पित रहीं। उन्होंने न्यायप्रिय, पारदर्शी और जनहितैषी शासन की अद्वितीय मिसाल पेश की। अत: भारत सरकार द्वारा माता अहिल्याबाई होलकर के जन्मदिन को राष्ट्रीय नारी शक्ति दिवस या राष्ट्रीय नारी प्रेरणा दिवस घोषित किया जाए।
-श्याम शंकर पाल उर्फ सचिन
हरिकमल दर्पण हरियाणा प्रभारी
पाल एकता मंच राष्ट्रीय सचिव
भारतीय जीवन बीमा निगम
सीनियर इंश्योरेंस एडवाइजर
मो. 9891441417, 9999007349
31 मई को राष्ट्रीय नारी शक्ति दिवस या राष्ट्रीय नारी प्रेरणा दिवस घोषित किया जाए!
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