हम किसी से भी कम नहीं हैं, हमारा इतिहास इस बात की गवाही देता है। लेकिन हम सब बंटे हुए हैं सबसे पहले नामों में, उसके बाद क्षेत्रवाद में, फिर भाषाओं में, उसके बाद फिर खापों में, फिर संवैधानिक कैटेगरी में और उसके बाद पार्टियों में, इसके बाद भी विचारधाराओं में, इसके बाद आस्तिक-नास्तिकता में। बची-खुची कसर अमीरी-गरीबी और पढ़े-लिखे व अनपढ़ इत्यादि ने पूरी कर दी है। यदि इन सब बातों को छोड़कर केवल ‘हम सब एक हैं और हमारा समाज एक है’ की बात समझ आ जाए तो हमसे बढ़कर कोई समाज नहीं है। समाज फर्स्ट नीति अपनाओ, अपने समाज को मजबूत बना आगे बढ़ाओ।
-शेफर्ड नन्दकिशोर धनगर
मो. 9810624224
हम किसी से भी कम नहीं हैं!
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आभार व धन्यवाद जी