कहते थे अम्बेडकर, दलित हितों की बात!
स्वतंत्रता से पहले हो, समानता सौगात!
जन-गण-मन में छुआछूत थी
मानवता में बड़ी चूक थी
तिलक, तराजू, तलवारें थीं, अंग्रेजों के साथ!
स्वतंत्रता से पहले हो, समानता सौगात!
पति के संग-संग सती जलीं
जो जीवित रहीं दुर्गती मिली
नारी, शूद्र के जीवन पर, हावी सवर्ण जात!
स्वतंत्रता से पहले हो, समानता सौगात!
धर्म के भीतर कुरीतियांँ हैं
उलटी सीधी नीतियाँ हैं
एक देश में, एक विधान की, दबती है आवाज!
स्वतंत्रता से पहले हो, समानता सौगात!
भू, जल, अग्नि, पवन, गगन
उपयोग करो, सब रहो मगन
ताकत, बुद्धि, सरल जनों पर, करते कुठाराघात!
स्वतंत्रता से पहले हो, समानता सौगात!
-जोहन पाल, सेंदरी, बिलासपुर
मो. 7974025985
कहते थे अम्बेडकर!
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