Harikamaldarpan

लोड हो रहा है... लोड हो रहा है...

धनगर अब जाग रहा है!

धनगर अब जाग रहा है, अपनी ताकत पहचान रहा,
जो कल तक चुप बैठा था, अब हक की भाषा जान रहा।
किसी को जिताने की ताकत, चाहे कम दिखाई देती हो,
पर अन्यायियों की कुर्सी हिलाने की, आग अभी बाकी हो।
मत समझो कमजोर स्वयं को, तुम परिवर्तन की धारा हो,
जिस दिन एकजुट हो जाओगे, सत्ता का भी सहारा हो।
भावनाओं के जालों में, अब खुद को मत खोने देना,
झूठे वादों की बातों पर, अपना भविष्य मत रोने देना।
वोट तुम्हारा हथियार है, इसकी कीमत पहचानों तुम,
अपने हक और अधिकारों का, अब खुलकर सम्मान करो तुम।
जो समाज के साथ खड़ा हो, साथ उसी का देना है,
जो केवल चुनावी साथी हो, उसको जवाब भी देना है।
शिक्षा, सम्मान, रोजगार और सही पहचान की लड़ाई में,
अब धनगर पीछे न हटेगा, किसी भी कठिनाई में।
जागो धनगर, एक बनो, अपनी शक्ति को जानो अब,
हक की खातिर वोट करो, अपने भविष्य को पहचानो अब।
-गम्भीर धनगर, आगरा
मो. 9690470266

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