यदि आप एक पेड़ को छोड़ देते हैं, तो वह जंगली होकर बढ़ेगा, लोगों के बारे में भी यही सच है। यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि नेतृत्व और राजनीति की गहराई से जुड़ी हुई वास्तविकता है। मेरे 20 वर्षों के राजनैतिक ट्रेनिंग के अनुभव में मैंने बार-बार देखा है कि बिना मार्गदर्शक, बिना अनुशासन और बिना सही दिशा के व्यक्ति की ऊर्जा बिखर जाती है, वह बढ़ता तो है, पर सही दिशा में नहीं। राजनीति में यह इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यहाँ केवल व्यक्ति का विकास नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा भी तय होती है। कोई एक कार्यकर्ता, एक नेता या एक जनप्रतिनिधि हो, यदि उन्हें सही प्रशिक्षण नहीं मिलता, तो वे अपने भीतर की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाते। वे परिस्थितियों के हिसाब से प्रतिक्रिया तो देते हैं, लेकिन रणनीति के साथ आगे नहीं बढ़ पाते। जैसे एक माली पेड़ को समय-समय पर पानी देता है, उसकी छंटाई करता है, उसे सहारा देता है—तभी वह पेड़ मजबूत, संतुलित और फलदायी बनता है। ठीक उसी प्रकार एक राजनीतिक कार्यकर्ता को भी एक प्रशिक्षक, मार्गदर्शक और उसमें निरंतर सुधार करने वाले व्यक्ति की आवश्यकता होती है। यदि उसे अकेला छोड़ दिया जाए, तो वह भीड़ का हिस्सा तो बन सकता है, लेकिन नेतृत्व नहीं कर सकता। राजनीति में सफलता केवल जोश से नहीं आती बल्कि होश, अनुशासन और रणनीति से आती है। बिना राजनैतिक सलाहकार के व्यक्ति केवल अपनी भावनाओं के आधार पर, भावनाओं में बहकर ही निर्णय लेता रहता है, जबकि यदि व्यक्ति के पास सही सलाहकार, मार्गदर्शक होना चाहिए जो परिस्थितियों को समझकर, डेटा और अनुभव के आधार पर उसे बताए कि क्या निर्णय लेना है, कब आगे बढ़ना है और कब पीछे हट जाना है। एक सही सलाहकार का होना ही एक साधारण कार्यकर्ता और एक प्रभावी नेता के बीच सबसे बड़ा अंतर होता है। मेरे अनुभव में सबसे बड़ी गलती यह होती है कि व्यक्ति को लगता है कि वह अपने दिमाग से काम करेगा, उसे सब तो पता ही है, जो कमी थी वो सीख भी लिया अब मुझे मार्गदर्शन या मार्गदर्शक की कोई जरूरत नहीं है। बस यहीं से व्यक्ति की ग्रोथ रुक जाती है। मैंने बहुत से काबिल लोगों को उनके पास सही मार्गदर्शक न होने के कारण अपना पैसा, समय और संसाधन बर्बाद करते देखा है। असल में सही राजनैतिक सलाहकार व्यक्ति को केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि वह एक नया दृष्टिकोण देता है, चीजों को देखने का नया नजरिया देता है, अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर मार्गदर्शन करता है। इसलिए, यदि आप राजनीति में सच में सफल होना चाहते हैं, तो खुद को ‘जंगली पेड़’ बनने से बचाइए। अपने भीतर की ऊर्जा को दिशा दीजिए, उसे तराशिए और सही मार्गदर्शक की खोज करिए, उसके साथ आगे बढ़िए। आप पाएंगे कि आप अकेले एक वर्ष में जितना आगे पहुँचे हैं सही मार्गदर्शक के साथ उससे 10 गुना अधिक आगे बढ़ रहे होंगे। एक पेड़ को छोड़ देने से वह केवल बढ़ता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता खो जाती है। वहीं, सही देखभाल से वही पेड़ छाया भी देता है, फल भी देता है और समाज के लिए उपयोगी बनता है। राजनीति में भी यही सिद्धांत लागू होता है—मार्गदर्शक ही व्यक्ति को भीड़ से निकालकर नेतृत्व की ऊँचाइयों तक पहुँचाता है। अपना सलाहकार बहुत सोच समझकर चुनिए परन्तु अपना एक राजनैतिक सलाहकार अवश्य चुनिए।
-उदय पाल, दिल्ली
मो. 9821189131
राजनीति में सफल होना है तो सही सलाहकार चुनिए!
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