
भारत जैसे विशाल देश में आज भी इंसानियत जिंदा है और यही इंसानियत समाज को जोड़ने का काम करती है। जब कोई व्यक्ति किसी जरूरतमंद के दुख को अपना दुख समझकर उसके परिवार के साथ खड़ा होता है, तब वह केवल एक इंसान नहीं बल्कि मानवता का सच्चा पुजारी बन जाता है। ऐसे ही मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है मयूर सिंह जाडेजा ने। भारत के दूसरे सबसे लंबे व्यक्ति रहे मंगल सिंह पाल के निधन के बाद जिस प्रकार उन्होंने उनके परिवार के प्रति अपना दायित्व निभाने का वादा किया था, अब उस वादे को जमीन पर उतारने की शुरूआत हो चुकी है। यह केवल एक घर बनाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह विश्वास, अपनापन और इंसानियत को जीवित रखने का उदाहरण है। मंगल सिंह पाल के गांव में उनके घर का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। इस नेक कार्य में राजेंद्र सिंह बघेल की भूमिका भी सराहनीय है, जिन्होंने गांव पहुंचकर निर्माण कार्य की पूरी व्यवस्था शुरू करवाई और आवश्यक सामान की तैयारी करवाई। यह दिखाता है कि समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो केवल बातें नहीं करते बल्कि अपने शब्दों को कर्म में बदलकर दिखाते हैं। आज के समय में जहां अधिकतर लोग वादे करके भूल जाते हैं, वहीं मयूर सिंह जाडेजा ने यह साबित कर दिया कि सच्चे इंसान वही होते हैं जो कठिन समय में किसी परिवार का सहारा बनते हैं। उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता है कि इंसानियत, सहयोग और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ा धर्म है। हम ऐसे मानवता प्रेमी लोगों को नमन करते हैं, जो समाज में उम्मीद की नई रोशनी ला रहे हैं। सच कहा जाए तो यही सच्ची इंसानियत है और यही वह सोच है जो समाज को मजबूत बनाती है।
-जेडी पाल
मो. 9310969775