राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक अध्यक्ष व महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री महादेव जानकर का देश के गडरिया समाज को खुलकर साथ देना चाहिए क्योंकि वे ऐसे राजनेता हैं जो सदैव अपने समाज की भलाई के बारे में न केवल सोचते हैं बल्कि अपनी पूरी ताकत से कार्य भी करते हैं। अभी हाल ही में सऊदी अरब में फंसे उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बंथर गांव निवासी रामविलास पाल के सुपुत्र शिवम पाल (23 वर्ष) के पार्थिव शरीर को भारत लाने में जिस प्रकार महादेव जानकर ने आगे बढ़कर सहयोग किया, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उल्लेखनीय है कि दिवंगत शिवम पाल का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए मृतक का परिवार 10 दिनों तक सरकार व अधिकारियों से गुहार लगाता रहा लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। अंतत: 10 अगस्त को पीड़ित परिवार ने महादेव जानकर के पास अपनी गुहार लगाई तो अगले ही दिन शिवम पाल का पार्थिव शरीर भारत आ गया। यह घटना दर्शाती है कि महादेव जानकर की शासन-प्रशासन पर पकड़ कितनी मजबूत है। यदि गडरिया समाज एकजुट होकर महादेव जानकर का साथ दे तो निश्चित रूप से इसका पूरे समाज को लाभ मिलेगा।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल
महादेव जानकर का साथ दें!
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राष्ट्रीय समाज पक्ष के प्रदेश अध्यक्ष को चाहिये कि वह पार्टी के जिला अध्यक्ष का नाम जिले का नाम व मोबाइल नं प्रचारित व प्रसारित करें जिससे आमजन वाकिफ हो सकें,जिन जिलों में अभी तक संगठन न खड़ा हो , वहां जिले का नाम लिखते हुए खाली शब्द लिखें ,