मेरठ के ग्राम चिंदौड़ी निवासी राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की नृशंस हत्या से न केवल पाल समाज अपितु पूरा देश गुस्से में है। एक उभरती हुई खिलाड़ी की मात्र 17 वर्ष की आयु में हुई दर्दनाक मौत से न केवल देश को वरन समूचे विश्व को क्षति पहुंची है। पुलिस प्रशासन ने निस्संदेह इस मामले में शुरू में लापरवाही बरती जिसके कारण लगभग डेढ़ महिने तक इस बच्ची का शव नाले में सड़ता रहा। इस लापरवाही के दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए। जहां तक पीड़ित परिवार का सवाल है, उसे इंसाफ दिलाने के लिए न केवल पूरा पाल समाज बल्कि लगभग सभी राजनीतिक दल एवं समाजसेवी संगठन सक्रिय हैं। शुरुआती लापरवाही के बाद अब इस मामले में पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है और पीड़ित परिवार की सभी शंकाओं का समाधान करने के लिए भी प्रयासरत है। लेकिन इस मामले में प्रदेश सरकार की भूमिका अभी तक संतोषजनक नहीं है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की यह मांग पूरी तरह जायज है कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। साथ ही मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाए। सरकार को सपा प्रदेश अध्यक्ष की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष हरवीर पाल भी पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं लेकिन फिर भी इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक कोई घोषणा नहीं किया जाना आश्चर्यचकित करता है। पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद तो कम से कम होनी ही चाहिए क्योंकि अनुष्का पाल राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थी।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल
कब मिलेगा अनुष्का को इंसाफ?
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