06
Apr
करुणा का रस…
पीकर करुणा का रसजीवन करो धन्यजन्म-जन्म सुखदाईजो करी भलाईलोकमंगल हो सदासत्य राह चुनो भाई।हिमालय पुकारतावीर बनो-धीर बनोज्ञान करो अर्जितविश्व-वसुधा बने
06
Apr
आगे बढ़ना होगा!
बुरा वक्त भी बताता हैकि कौन कहां जाता है।।साथ कौन है साथी बनकरकौन हाथ आगे बढ़ाता है।।कुछ-कुछ कदम चलें होंगेकुछ
02
Apr
हम तो मर गए जीते-जी!
हम तो मर गए जीते-जी, दुनिया में आ के!तुमने जीत पाई भी तो, हमको मिटा के!क्या तुम्हारी नीतियाँ, इंसानियत से
01
Apr
उमंग-तरंग…
(1)जीवन में भर लो उमंगआशा और उम्मीद की उठती रहें तरंगमन-मंदिर में खुशियों के दीप जलें।सुंदर सुगंधित मधुकर फूल गुलशन