देश में ‘गडरिया राज’ का सपना साकार करने के लिए हरिकमल दर्पण परिवार निरंतर संघर्ष कर रहा है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमने हरिकमल दर्पण समाचार पत्र के साथ ही न्यूज पोर्टल भी शुरू किया है। साथ ही हरिकमल दर्पण प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कम्पनी बनाई है ताकि समाचार पत्र व न्यूज पोर्टल का स्वामित्व निजी हाथों में न होकर समाज के हाथों में हो। हमें उम्मीद है कि हरिकमल दर्पण प्राइवेट लिमिटेड देश में गडरिया समाज का पहला ऐसा मीडिया समूह होगा जिसे पूरे समाज की आवाज बनने का मौका मिलेगा। हमारा उद्देश्य बहुत बड़ा है जबकि संसाधन अत्यंत सीमित हैं। निश्चित तौर पर इस महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें समाज के साधन-सम्पन्न समाजसेवियों के सहयोग की आवश्यकता है। अनेक समाजसेवी हमारे साथ जुड़ने की सहमति व्यक्त कर चुके हैं लेकिन इनकी संख्या अभी बहुत कम है। जरूरत है कि सक्षम लोग स्वयं आगे आएं और इस आंदोलन के सहभागी बनें। दुर्भाग्य से हमारे समाज के अधिकांश लोगों की सोच ‘मैं और मेरा परिवार’ तक ही सीमित है। हमें इस सोच को विस्तृत करना होगा और इसमें ‘मेरा समाज’ भी शामिल करना होगा। कोई भी समाज तब तक सशक्त नहीं बन सकता जब तक उस समाज के लोग निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर सर्वहित के लिए कार्य करना प्रारंभ नहीं करते। एक-दूसरे को नीचा दिखाना, अनर्गल निंदा करना तथा एक-दूसरे की टांग खिंचाई करने के कारण ही हम प्रगति की दौड़ में अपने समकक्ष समाजों से बहुत पीछे खड़े हैं। आइए, एक-दूसरे की टांग खिंचाई की बजाय एक-दूसरे का हाथ थामने की पहल करें ताकि देश में ‘गडरिया राज’ का सपना साकार हो सके।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल
’गडरिया राज’ का सपना साकार करें!
बहुत ही सुंदर शब्दों में आपने अपने लक्ष्य को वर्णित किया है। मै आर्थिक रूप से तो इतना सक्षम नहीं हु कीनू समाज का आगेवान होने के कारण तथा उससे भी अधिक समाज का बंधु होने के कारण आपके लक्ष्य को पूर्ण करने में फूल नहीं तो फूल की पत्ती ही बनकर सहभागी बनूंगा। अहमदाबाद गुजरात में समाज को एकत्र करने की मुहिम चल ही रही है आपके हिसाब से इसे और अधिक गति से आगे बढ़ाऊंगा। धन्यवाद।