सात्विक सहज सरल भाषा, हिंदी मेरा अभिमान है!
भावों की जननी है, इसकी शैली शहद समान है!!
नव-रस, नव-श्रृंगार सजा है, इसकी काया में
ममतामयी, हिय स्नेह बसा है, अनुपम छाया में
सत्यम शिवम सी भाषा है, सुंदरतम गुणगान है!
भावों की जननी है, इसकी शैली शहद समान है!!
माँ भारती के माथे की, बिंदिया सिंदूरी हिंदी
जन-गण-मन के चिंतन में, चम्पा की क्यारी हिंदी
अक्षर-अक्षर सुरभित उपवन, सुवासित फूलदान है!
भावों की जननी है, इसकी शैली शहद समान है!!
हिंदी हिमनदियाँ सी शीतल निर्मल भाषा है
गंगा गोदावरी की पावन सी अभिलाषा है
स्वर-व्यंजन से शब्द बनें, शब्दों में गीता-ज्ञान है!
भावों की जननी है, इसकी शैली शहद समान है!!
श्वेत कमल है स्वयं सहस्रों पंखुड़ियों वाला
देवालयों में श्रेष्ठतम कैलाश शिखर शिवाला
जिसमें विराजे सरस्वती, दिव्य-कमल की शान है!
भावों की जननी है, इसकी शैली शहद समान है!!
भौंरों की गुनगुन गुंजन है, तितलियों की सुंदरता
भू, जल, नभचर पक्षियों के, कलरव की मधुरता
हिंदुस्तान के जड़-चेतन की, हिंदी ही पहचान है!
भावों की जननी है, इसकी शैली शहद समान है!!
-जोहन पाल, सेंदरी, बिलासपुर
मो. 7974025985
हिंदी मेरा अभिमान है!
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