25
Jul
सत्ता के शिखर पर संगठन का ‘झुनझुना’ और हाशिये पर खड़ा गड़रिया समाज!
उत्तर प्रदेश की सियासत में जब-जब बदलाव की बयार बही, तब-तब जातिगत समीकरणों की बिसात पर नए मोहरे सजाए गए।
22
Jul
व्यवस्था परिवर्तन होना निश्चित हो चला है!
दिल्ली ने मेरे को ही नहीं, शायद सभी को अपनी घटी राम कहानी से, अपनी तरफ हो रही घटनाओं के
22
Jul
पहचान स्पष्ट होगी तभी अधिकार स्पष्ट होंगे!
उत्तर प्रदेश में जो लोग पाल, बघेल, गडेरिया और धनगर को एक ही बताते हैं, उनसे बस एक सीधा सवाल
21
Jul
शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में करें सामाजिक भवन का उपयोग!
स्वतंत्रता के बाद भी अनेक ऐसे समाज हैं देश में जो अत्यंत पिछड़े हुए हैं। ऐसे अत्यंत पिछड़े समाजों को
21
Jul
वर्तमान बनाने से ज्यादा अतीत के सिंहासन पर बैठने की कोशिश क्यों?
यहाँ हर जाति का आदमी किसी न किसी राजवंश से अपना रिश्ता जोड़ लेता है। किसी को फलानावंशी होने का