26
Mar
काश! ये संभव होता!
काश! ये संभव होता, अर्थी अपनी खुद ढोता!मैं चार कांधे लेता, न ओढ़ कफन चुप सोता!शव होता सिंहासन पर, सजते
23
Mar
मेरी साइकिल…
सरपट-सरपट दौड़ लगातीनित व्यायाम खूब करातीगांव-गांव, गली-गली घुमातीमेरी साइकिल खूब सैर कराती।बिना ईंधन के चलती जातीमन मेरा खूब बहलातीसाथ-साथ बौझा
23
Mar
खाप पंचायत है अमर्यादित!
चक्रव्यूह में अभिमन्यु सा, घिरा सामाजिक जत्था!खाप पंचायतों में, ऐंठा जाए मोटा पैसा!!खाप पंचायत है, अमर्यादित लोक अदालतडिग्री रहित वकील
23
Mar
भ्रष्टाचार के फूल…
भ्रष्टाचार के फूल हैंलोकतंत्र के शूल हैंकुछ नेता मेरे देश के।खा रहे हैं गालीजा रहे हैं जेलफिर भी देश कोलूटने