16
Aug
खाप-पंचायत में जकड़ा!
खाप-पंचायत में जकड़ा, ग्रामीण सभ्य-समाज!पीड़ित-जन को न आए लाज!!इनके निजी मुकदमे, इनका उलटा राज-काज!पीड़ित-जन को न आए लाज!!देश का कानून,
14
Aug
वंदे मातरम…
वंदे मातरम वंदे मातरम,वंदे मातरम गाए जा।शस्य श्यामला वीरभूमि को,अपना शीश झुकाए जा।आगे कदम बढ़ाए जा।वंदे मातरम वंदे मातरमवंदे मातरम
10
Aug
आजादी का अमृत महोत्सव!
आजादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे,खुशी से जगह-जगह तिरंगा फहरा रहे।।आज ही के दिन तो जन-जन उत्साहित थे,
09
Aug
हर गरीब की जिंदगी!
दो वक्त की रोटी मिले, दो खोली का मकान!हर गरीब की जिंदगी, दो खोज में हलकान!!जीवनभर सोचे, कहाँ मूल सुविधाएँ