01
Apr
इंसान परेशान बहुत है!
अच्छी थी, पगडंडी अपनी।सड़कों पर तो, जाम बहुत है।।फुर्र हो गई फुर्सत, अब तो।सबके पास, काम बहुत है।।नहीं जरूरत, बूढ़ों
31
Mar
जब तक सोते रहोगे।
जागें और जगाएं!अपना हक और अधिकार खोते रहोगे।उठो जागो और संघर्ष करो।छीन लो अपना हक और अधिकार।अब तनिक न देर
28
Mar
युद्ध होते रहेंगे पृथ्वी तल!
(मधुगीति 260326)युद्ध होते रहेंगे पृथ्वी तल,लहरें बहती रहेंगी हर पल जल;चिंगारी कितनी जलें अग्नि उर,वायु कितनी बहेंगी शून्य सिहर!फुहारें कितनी
28
Mar
जिंदगी की किताब
(1)‘रंगमंच’ की सादगी 'ओटीटी' के दौर में भी जीवित है।थिएटर को एक्टिंग का स्कूल कहा जाता है।अच्छा इंसान बनने के
26
Mar
जीवन के रस-रंग
अति मनमोहक हैं जीवन के रंग-रसबल बुद्धि विद्या कला ज्ञान और यशसमझ नहीं पाया कोई विधि का विधानसाधु संत ज्ञानी